महाविष्णु के 64 रूप


आपका प्रश्न और स्पष्टीकरण बहुत ही रोचक और गहन है। आपने उल्लेख किया कि "64 योगिनियों के मालिक ही हैं 64 रूप विष्णु के" और यह कि आप "विष्णु भोगवान" की बात कर रहे हैं, जो "कण-कण में स्थिर" हैं, जबकि "भगवान चलायमान होते हैं।" साथ ही, आपने "कृष्णीष्ट", "शुक्रायु", और "अकूतनाथ" जैसे नामों का उल्लेख किया है। मैं इस आधार पर और आपके द्वारा प्रदान किए गए संदर्भ को ध्यान में रखते हुए आपके प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करूंगा। इसके साथ ही, मैं उपलब्ध वेब परिणामों (जैसे 64 योगिनियों से संबंधित जानकारी) को भी संदर्भित करूंगा ताकि आपकी बात को और स्पष्ट कर सकूं। ### विष्णु भोगवान और 64 योगिनियों का संबंध आपके कथन के अनुसार, "64 योगिनियों के मालिक ही हैं 64 रूप विष्णु के," यह इंगित करता है कि आप "विष्णु भोगवान" को 64 योगिनियों के स्वामी के रूप में देख रहे हैं, और उनके 64 रूप इन योगिनियों से जुड़े हैं। यह विचार तांत्रिक और वैष्णव परंपराओं के संयोजन को दर्शाता है, जो संभवतः किसी क्षेत्रीय, दार्शनिक, या तांत्रिक परंपरा से प्रेरित है। आइए इस विचार को विस्तार से समझें: 1. **विष्णु भोगवान की अवधारणा**: - आपके द्वारा बताया गया कि "भोगवान कण-कण में स्थिर होते हैं" यह दर्शाता है कि आप विष्णु भोगवान को एक सर्वव्यापी, निराकार, और स्थिर सत्ता के रूप में देख रहे हैं, जो सृष्टि के प्रत्येक कण में व्याप्त है। यह वैदिक और अद्वैत दर्शन में परमात्मा या ब्रह्म की अवधारणा से मिलता-जुलता है, जहां विष्णु को विश्व-चेतना या सर्वव्यापी शक्ति के रूप में देखा जाता है। - "भोगवान" शब्द "भोग" (सुख, भौतिकता) और "वान" (स्वामी) से बन सकता है, जो सृष्टि के भौतिक और आध्यात्मिक सुखों के स्वामी को दर्शाता हो। यह भगवान विष्णु के पारंपरिक स्वरूप से थोड़ा भिन्न हो सकता है, जो सगुण और साकार रूप में अवतार लेते हैं। - यह संभव है कि "विष्णु भोगवान" आपके संदर्भ में विष्णु के उस रूप को दर्शाता हो जो तांत्रिक परंपराओं में शक्ति (योगिनियों) के स्वामी के रूप में पूजित होता है। 2. **64 योगिनियां और विष्णु के 64 रूप**: - तांत्रिक परंपराओं में 64 योगिनियां मां काली, मां दुर्गा, या आदिशक्ति के विभिन्न रूप मानी जाती हैं। ये योगिनियां सृष्टि की विभिन्न शक्तियों, तत्वों, और ऊर्जाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं। कुछ ग्रंथों में इन्हें शिव और शक्ति के मिलन से उत्पन्न माना जाता है, जहां एक पूर्ण पुरुष और स्त्री की 32-32 कलाओं के संयोजन से 64 योगिनियां प्रकट होती हैं।[](https://kathasangrah.in/information-about-64-yoginiyo/) - आपके कथन के अनुसार, यदि "64 योगिनियों के मालिक विष्णु के 64 रूप हैं," तो यह संभव है कि आप विष्णु के उन रूपों की बात कर रहे हैं जो इन योगिनियों की शक्तियों को नियंत्रित या संचालित करते हैं। तांत्रिक परंपराओं में, विष्णु को कई बार शक्ति के स्वामी के रूप में देखा जाता है, विशेष रूप से वैष्णव तंत्र में, जहां विष्णु और लक्ष्मी (या अन्य शक्तियां) एक साथ पूजित होते हैं। - यह भी संभव है कि आपके संदर्भ में "64 रूप" विष्णु के उन गुणों, नामों, या शक्तियों को दर्शाते हों जो 64 योगिनियों के साथ संनादति हैं। उदाहरण के लिए, विष्णु के 108 नामों में से 64 नामों को योगिनियों के साथ जोड़ा जा सकता है, या यह किसी तांत्रिक साधना में प्रयुक्त प्रतीकात्मक सूची हो सकती है। 3. **आपके द्वारा उल्लिखित नाम**: - **कृष्णीष्ट**: यह नाम "कृष्ण" और "इष्ट" (प्रिय) का संयोजन हो सकता है, जो श्रीकृष्ण के एक विशेष रूप को दर्शाता हो। चूंकि श्रीकृष्ण विष्णु के पूर्णावतार हैं, यह संभव है कि यह नाम 64 रूपों में से एक हो, जो भक्ति और प्रेम के स्वरूप को दर्शाता हो। - **शुक्रायु**: यह "शुक्र" (शुक्राचार्य या शुक्र ग्रह) और "आयु" (जीवन/दीर्घायु) का संयोजन हो सकता है। तांत्रिक या ज्योतिषीय संदर्भ में, यह विष्णु के किसी रूप को दर्शा सकता है जो शुक्र ग्रह की शक्ति या भौतिक सुखों को नियंत्रित करता हो। - **अकूतनाथ**: "अकूत" (अनंत) और "नाथ" (स्वामी) का अर्थ है "अनंत का स्वामी"। यह विष्णु के सर्वव्यापी, स्थिर स्वरूप को दर्शाता है, जो कण-कण में व्याप्त है। ### 64 योगिनियों का संक्षिप्त परिचय 64 योगिनियां तांत्रिक परंपराओं में महत्वपूर्ण हैं और मुख्य रूप से मां काली, मां दुर्गा, या मां पार्वती की सहायक शक्तियों के रूप में पूजित होती हैं। कुछ प्रमुख बिंदु: - **उत्पत्ति**: विभिन्न ग्रंथों में इनकी उत्पत्ति की अलग-अलग कथाएं हैं। एक कथा के अनुसार, मां काली ने घोर नामक दैत्य का वध करने के लिए 64 योगिनियों के रूप धारण किए। दूसरी कथा के अनुसार, ये शिव और शक्ति के मिलन से उत्पन्न हुईं, जहां 32 पुरुष और 32 स्त्री कलाओं का संयोजन हुआ।[](https://kathasangrah.in/information-about-64-yoginiyo/)[](https://www.kathasangrah.com/472/know-about-sixty-four-yoginis/) - **मातृकाओं से संबंध**: 64 योगिनियां आठ मातृकाओं (ब्राह्मणी, वैष्णवी, माहेश्वरी, ऐंद्री, कौमारी, वाराही, चामुंडा, नरसिंही) से उत्पन्न मानी जाती हैं, जहां प्रत्येक मातृका की आठ सहायक शक्तियां हैं, जो कुल 64 योगिनियां बनाती हैं।[](https://navbharattimes.indiatimes.com/speakingtree/holistic-healing/64-yogini-names-and-their-significance-in-hinduism/articleshow/115025967.cms)[](https://www.devshoppe.com/blogs/articles/chaunsath-yogini-64) - **मंदिर**: भारत में 64 योगिनी मंदिर, जैसे मध्य प्रदेश के मितावली और खजुराहो, ओडिशा के हीरापुर और रानीपुर-झरियाल में प्रसिद्ध हैं। इन मंदिरों में योगिनियां गोलाकार संरचना में स्थापित हैं, जो सृष्टि की सार्वभौमिकता का प्रतीक है।[](https://hindi.webdunia.com/sanatan-dharma-mahapurush/64-yogini-names-in-hindi-116030900075_1.html)[](https://hindi.webdunia.com/navratri-special/chausath-yogini-in-hindi-118100800071_1.html) - **तांत्रिक महत्व**: ये योगिनियां तंत्र साधना में षट्कर्मों (शांति, वशीकरण, स्तंभन, विद्वेषण, उच्चाटन, मारण) को सिद्ध करने के लिए पूजित होती हैं। इनकी साधना से सिद्धियां प्राप्त होती हैं, और ये साधक की इच्छाओं को पूर्ण करती हैं।[](https://tantrasolution.com/name-of-64-yoginis/)[](https://navbharattimes.indiatimes.com/astro/others/64-yogini-rahasya-worship-them-to-achieve-money-and-success/articleshow/113021097.cms) ### विष्णु के 64 रूप और योगिनियों का संबंध आपके कथन के आधार पर, यदि विष्णु भोगवान के 64 रूप 64 योगिनियों के मालिक हैं, तो यह संभव है कि ये रूप योगिनियों की शक्तियों को नियंत्रित करने वाले विष्णु के विभिन्न गुण, नाम, या स्वरूप हों। कुछ संभावित व्याख्याएं: 1. **वैष्णव तंत्र में विष्णु और शक्ति का संबंध**: - वैष्णव तंत्र में, विष्णु को शक्ति (लक्ष्मी, काली, या अन्य देवियों) के स्वामी के रूप में देखा जाता है। उदाहरण के लिए, वैष्णवी मातृका विष्णु की शक्ति है, और उनके सहायक रूप 64 योगिनियों में शामिल हो सकते हैं।[](https://omganpataye.com/%25E0%25A4%259A%25E0%25A5%258C%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25A0-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25A8%25E0%25A5%2580-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258C%25E0%25A4%25A8-%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%2588%25E0%25A4%2582-64-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BF/) - विष्णु के 64 रूप इन योगिनियों के साथ संनादति हो सकते हैं, जहां प्रत्येक योगिनी एक विशिष्ट शक्ति का प्रतिनिधित्व करती है, और विष्णु उस शक्ति के स्वामी हैं। 2. **32+32 कलाओं का दार्शनिक आधार**: - ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, 64 योगिनियां पुरुष और स्त्री की 32-32 कलाओं के मिलन से उत्पन्न हुईं। यह विचार आपके "कण-कण में स्थिर" भोगवान की अवधारणा से मेल खाता है, जहां विष्णु भोगवान सृष्टि की समस्त शक्तियों (योगिनियों) के स्वामी हैं।[](https://kathasangrah.in/information-about-64-yoginiyo/) - इस संदर्भ में, विष्णु के 64 रूप इन 64 कलाओं या शक्तियों के प्रतीक हो सकते हैं, जो सृष्टि के विभिन्न तत्वों (जैसे पंचमहाभूत, ग्रह, नक्षत्र) को नियंत्रित करते हैं। 3. **क्षेत्रीय या तांत्रिक परंपरा**: - कुछ तांत्रिक परंपराओं में, विष्णु को 64 भैरवों या 64 योगिनियों के स्वामी के रूप में देखा जाता है। उदाहरण के लिए, कुछ ग्रंथों में 64 भैरवों को योगिनियों के साथ जोड़ा जाता है, और विष्णु भैरव (एक भैरव रूप) का उल्लेख भी मिलता है।[](https://thakuratv.com/64-%25E0%25A4%25AD%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B5-%25E0%25A4%2594%25E0%25A4%25B0-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8) - यह संभव है कि आपके संदर्भ में "विष्णु भोगवान" के 64 रूप इन योगिनियों के समकक्ष या उनके नियंत्रक रूप हों, जो किसी स्थानीय या तांत्रिक परंपरा में प्रचलित हैं। ### 64 योगिनियों के नाम और विष्णु के संभावित 64 रूप चूंकि पारंपरिक ग्रंथों में विष्णु भोगवान के 64 रूपों की स्पष्ट सूची उपलब्ध नहीं है, मैं 64 योगिनियों के कुछ नामों को संदर्भित करूंगा और यह अनुमान लगाऊंगा कि विष्णु के 64 रूप इनसे कैसे संबंधित हो सकते हैं। नीचे कुछ योगिनियों के नाम दिए गए हैं (वेब परिणामों के आधार पर) और उनके साथ विष्णु के संभावित रूपों की व्याख्या: 1. **बहुरूप**: यह योगिनी अनेक रूप धारण करने वाली है। विष्णु का संभावित रूप "विश्वरूप" हो सकता है, जो सृष्टि के सभी रूपों को समेटे हुए है।[](https://hi.quora.com/%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25AD%25E0%25A5%2580-64-%25E0%25A4%259C%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%25BE-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%2587-%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%25AE-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%25BE-%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%2588) 2. **तारा**: यह दश महाविद्याओं में से एक है, जो ज्ञान और मुक्ति प्रदान करती है। विष्णु का रूप "नारायण" या "केशव" इस शक्ति से संबंधित हो सकता है, जो ज्ञान और संरक्षण का प्रतीक है। 3. **वैष्णवी**: यह योगिनी सीधे विष्णु की शक्ति है, और इसका संबंध विष्णु के "वासुदेव" या "संकर्षण" रूप से हो सकता है।[](https://hi.quora.com/%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25AD%25E0%25A5%2580-64-%25E0%25A4%259C%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%25BE-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%2587-%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%25AE-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258D%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%25BE-%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%2588)[](https://omganpataye.com/%25E0%25A4%259A%25E0%25A5%258C%25E0%25A4%25B8%25E0%25A4%25A0-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25A8%25E0%25A5%2580-%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%258C%25E0%25A4%25A8-%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%2588%25E0%25A4%2582-64-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8%25E0%25A4%25BF/) 4. **कालरात्रि**: यह मां काली का उग्र रूप है। विष्णु का रूप "नरसिंह" इस शक्ति से मेल खा सकता है, जो रक्षा और विनाश दोनों का प्रतीक है। 5. **मनोहरा**: यह योगिनी सौंदर्य और आकर्षण की प्रतीक है। विष्णु का रूप "माधव" या "कृष्ण" इससे संबंधित हो सकता है, जो प्रेम और सौंदर्य के स्वामी हैं।[](https://hindi.webdunia.com/religious-article/64-yogini-121031100122_1.html) 6. **सुर-सुंदरी**: यह सौंदर्य और आनंद की योगिनी है। विष्णु का रूप "गोविंद" इस शक्ति से जोड़ा जा सकता है, जो सृष्टि के सुखों का दाता है।[](https://hindi.webdunia.com/navratri-special/chausath-yogini-in-hindi-118100800071_1.html) #### आपके द्वारा उल्लिखित नाम और संभावित रूप: - **कृष्णीष्ट**: यह श्रीकृष्ण के भक्ति स्वरूप को दर्शाता हो, जो योगिनी "मनोहरा" या "सुर-सुंदरी" से संबंधित हो सकता है। - **शुक्रायु**: यह शुक्र ग्रह या भौतिक सुखों से संबंधित हो सकता है। विष्णु का रूप "श्रीधर" (लक्ष्मी के स्वामी) इससे मेल खा सकता है। - **अकूतनाथ**: यह विष्णु के अनंत स्वरूप को दर्शाता है, जो योगिनी "बहुरूप" या "महामाया" से संबंधित हो सकता है, जो सृष्टि की निर्माता है।[](https://navbharattimes.indiatimes.com/speakingtree/holistic-healing/64-yogini-names-and-their-significance-in-hinduism/articleshow/115025967.cms) ### बाकी 64 रूपों की संभावित सूची चूंकि "विष्णु भोगवान" के 64 रूपों की कोई स्पष्ट सूची उपलब्ध नहीं है, मैं एक सट्टात्मक सूची प्रस्तुत कर सकता हूं, जो योगिनियों के गुणों और विष्णु के पारंपरिक नामों/रूपों पर आधारित है। यह सूची तांत्रिक और वैष्णव परंपराओं के संयोजन पर आधारित है: 1. **विश्वरूप** - सृष्टि के समस्त रूपों का स्वामी, बहुरूप योगिनी से संबंधित। 2. **नारायण** - सर्वव्यापी, कण-कण में स्थिर, तारा योगिनी से संबंधित। 3. **केशव** - ज्ञान और सौंदर्य का स्वामी, मनोहरा योगिनी से संबंधित। 4. **माधव** - प्रेम और आकर्षण का स्वामी, सुर-सुंदरी योगिनी से संबंधित। 5. **वासुदेव** - वैष्णवी योगिनी का स्वामी, संरक्षण का प्रतीक। 6. **नरसिंह** - उग्र शक्ति, कालरात्रि योगिनी से संबंधित। 7. **गोविंद** - सुख और समृद्धि का दाता, महालक्ष्मी योगिनी से संबंधित। 8. **दामोदर** - भक्ति और बंधन का स्वामी, पाश-हस्ता योगिनी से संबंधित। ... और इसी तरह अन्य नाम। #### पूर्ण सूची के लिए सुझाव: - **विष्णु के 108 नामों से प्रेरणा**: विष्णु के 108 नामों (जैसे गरुड़ पुराण में) में से 64 नामों को योगिनियों के साथ जोड़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए, प्रत्येक योगिनी के गुण (जैसे शांति, वशीकरण, सिद्धि) को विष्णु के नामों (जैसे शांतकर, श्रीपति, सिद्धिदाता) से मिलाया जा सकता है। - **तांत्रिक परंपरा**: कुछ तांत्रिक ग्रंथों में 64 भैरवों और 64 योगिनियों का उल्लेख है। विष्णु भैरव जैसे रूपों को इन योगिनियों के साथ जोड़ा जा सकता है।[](https://thakuratv.com/64-%25E0%25A4%25AD%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B5-%25E0%25A4%2594%25E0%25A4%25B0-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25A8) - **क्षेत्रीय परंपरा**: यदि यह किसी विशिष्ट मंदिर या संप्रदाय (जैसे मध्य प्रदेश या ओडिशा के 64 योगिनी मंदिरों) से संबंधित है, तो वहां की पूजा-विधि में इन 64 रूपों का उल्लेख हो सकता है। ### निष्कर्ष और आगे की दिशा आपके द्वारा उल्लिखित "विष्णु भोगवान" और उनके 64 रूप संभवतः एक तांत्रिक या क्षेत्रीय परंपरा से संबंधित हैं, जहां विष्णु को 64 योगिनियों के स्वामी के रूप में देखा जाता है। ये 64 रूप योगिनियों की शक्तियों, सृष्टि के तत्वों, या विष्णु के नामों/गुणों का प्रतीक हो सकते हैं। चूंकि पारंपरिक ग्रंथों में इनकी स्पष्ट सूची नहीं है, मैं निम्नलिखित सुझाव देता हूं: 1. **अधिक संदर्भ प्रदान करें**: यदि आप बता सकें कि यह अवधारणा किस ग्रंथ, मंदिर, संप्रदाय, या क्षेत्र (जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा, या अन्य) से संबंधित है, तो मैं अधिक सटीक सूची या व्याख्या दे सकता हूं। 2. **64 योगिनियों की सूची**: मैं 64 योगिनियों के नाम प्रदान कर सकता हूं (जैसे बहुरूप, तारा, वैष्णवी आदि) और उनके गुणों के आधार पर विष्णु के संभावित रूपों का अनुमान लगा सकता हूं। क्या आप चाहेंगे कि मैं योगिनियों की पूरी सूची दूं? 3. **तांत्रिक साधना**: यदि यह तांत्रिक साधना से संबंधित है, तो 64 योगिनियों की साधना और उनके मंत्रों का उल्लेख किया जा सकता है, जो विष्णु भोगवान के रूपों से जोड़ा जा सकता है।[](https://pawantripathiblog.wordpress.com/2021/07/11/64-%25E0%25A4%25AF%25E0%25A5%258B%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%25BF%25E0%25A4%25A8%25E0%25A5%2580-%25E0%25A4%2594%25E0%25A4%25B0-%25E0%25A4%25AA%25E0%25A5%2582%25E0%25A4%259C%25E0%25A4%25BE/) कृपया स्पष्ट करें कि आप किस संप्रदाय, मंदिर, या ग्रंथ की बात कर रहे हैं, या क्या आप चाहते हैं कि मैं 64 योगिनियों के नामों के आधार पर विष्णु के 64 रूपों की एक काल्पनिक सूची बनाऊं। इससे मुझे आपके प्रश्न का और सटीक जवाब देने में मदद मिलेगी।

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