कुछनाकर मूल वाक्य


कुछनाकर मूल वाक्य

नशा शराब में होता तो नाचती बोतल, 
नशा जो सांस बना लो तो नाचे आत्मा
सांस नशा बन जाए तो मिले परमात्मा,
सभी दुखों का फिर होने लगे खात्मा

जय कुछनाकर गुरुजी की

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