intelligent kuchhnaaker guruji


अक्लमंद कुछनाकर गुरुजी 

सबने मुझको बहुत समझाया, 
मै अकलमंद समझ ना पाया 
सेवा करने का पाठ पढ़ाया, 
सेवा करोगे तो मिलेगी मेवा,
मैं कभी सेवा कर ही ना पाया
क्योंकि मेवा खाई तो छाले पड़ गए, 
10 दिन तक फिर कुछ खा ना पाया
मैं कभी सेवा कर ही ना पाया
मैं फिर कभी सेवा कर ही ना पाया 
किसको गाऊं मैं अपनी ये गाथा
मां कहती बीवी की सुन ले, 
बीवी कहती तो मां की मान 
पिता कहते तो कर ले कुछ काम, 
ससुर कहता बेटा मत हो परेशान
सारी दुनियां कहती तू क्यों हैरान,
समझ ले तू दुनियां का सार
सरक सरक कर ही चलता संसार,
बस यही बना ले जीवन का आधार
सबने मुझको बहुत समझाया, 
मै अकलमंद समझ ना पाया

https://youtu.be/gGLvutgPYrs?si=HRJDcYrHADjsuy6-

Comments

Popular posts from this blog

sinceoyog practice teaches humanity

rejection vs tree plantation as per grok

time scientist